अच्छे थे जब हम बच्चे थे
अच्छे थे जब हम बच्चे थे
अच्छे थे जब हम बच्चे थे
बस हम थे और
हमारे खेल थे
ना दुनिया थी
ना दुनियादारी थी
बस हम थे
और हमारे खेल थे
चकोर आंगन था
और चार दोस्त थे
बस हम थे
और हमारे खिलोने थे
ना विचार थे
ना विचारधारा थी
बस हम थे और
हमारे खेल थे
नासमझ थे
और हमारी नादानी थी
बस हम थे
और हमारे जादुई सपने थे
ना मत थे
ना मतभेद थे
बस हम थे और
हमारे खेल थे
मासूम थे
और मासूमियत से लबरेज़ थे
बस हम थे
और हमारे अलहड़पन थे
ना दंगे थे
ना दंगे भरे अल्फाज़ थे
बस हम थे और
हमारे खेल थे

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