आज़ादी किसे नहीं पसन्द ?
खासकर लड़कियों को तो आज़ादी बहुत बहुत भाती हैं, मुझे भी बहुत पसंद है आज़ादी, बिना रोक-टोक और बिना भय वाली आज़ादी . गाहे-बगाहे मिल भी जाये ऐसी आज़ादी तो आसपास का माहौल जरुर इसमें खलल डाल ही देता हैं . और फिर ऐसी आज़ादी को पूरी तरह जी भी नहीं पाते कि आज़ादी का पर्याप्त समय समाप्त हो जाता हैं.
खासकर लड़कियों को तो आज़ादी बहुत बहुत भाती हैं, मुझे भी बहुत पसंद है आज़ादी, बिना रोक-टोक और बिना भय वाली आज़ादी . गाहे-बगाहे मिल भी जाये ऐसी आज़ादी तो आसपास का माहौल जरुर इसमें खलल डाल ही देता हैं . और फिर ऐसी आज़ादी को पूरी तरह जी भी नहीं पाते कि आज़ादी का पर्याप्त समय समाप्त हो जाता हैं.

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