Treffic Red signal
ट्रेफिक रेड सिंग्नल
नन्हें - नन्हें कदम, छोटे-छोटे हाथ
खुद ब खुद बढ़ जाते हैं हर बार
ट्रेफिक रेड सिंग्नल की ओर
रटे हुए शब्दों में अपनी
लाचारी दिखाते हैं ।
उम्मीद भरी आँखों से पैसे
रूपी भीख पाने को ललचाती हैं ।
थेथर रूपी स्वभाव बनाये हुए
चुम्बक सामान चिपके जाते हैं।
कुछ दया कर , कुछ पीछा छुड़ाने के लिए
दो-चार पैसे उनके हाथ पर रख
देते हैं ।
और कुछ उन्हें दुत्कार अपने से दूर कर
देते हैं।
ये दुत्कार उन्हें निराशा या नाउम्मीद नहीं करती हैं ।
अगले ही पल
वह नन्हें - नन्हें कदम, छोटे-छोटे हाथ
ट्रेफिक रेड सिंग्नल के कतार में नज़र आते हैं ।
