Saturday, April 18, 2015

Treffic Red signal

 


ट्रेफिक रेड सिंग्नल 
 

नन्हें - नन्हें कदम, छोटे-छोटे हाथ 
खुद ब खुद बढ़ जाते हैं हर बार 
ट्रेफिक रेड सिंग्नल की ओर 
रटे हुए शब्दों में अपनी 
लाचारी दिखाते हैं । 
उम्मीद भरी आँखों से पैसे 
रूपी भीख पाने को ललचाती हैं । 
थेथर रूपी स्वभाव बनाये हुए 
चुम्बक सामान चिपके जाते हैं।  
कुछ दया कर , कुछ पीछा छुड़ाने के लिए 
दो-चार पैसे उनके हाथ पर रख 
देते हैं । 
और कुछ उन्हें दुत्कार अपने से दूर कर 
देते हैं। 
ये  दुत्कार उन्हें निराशा या नाउम्मीद नहीं करती हैं ।  
अगले ही पल 
वह  नन्हें - नन्हें कदम, छोटे-छोटे हाथ 
 ट्रेफिक रेड सिंग्नल के कतार  में नज़र आते हैं ।