Tuesday, February 6, 2018

मेरे जिनी

मेरे जिनि

जब जिंदगी,  जीने का सोचा
तब तुमने जिंदगी को ही मुझमे घोल दिया
जब जब जिंदगी को बाहों में भरना चाहा 
तब तब तुमने जिंदगी को ही रंगीन रंगों में बदल दिया

पग पग पर मेरा साथ निभाते 
बिन कहे मेरी हर छोटी बड़ी सहूलियतों का ख्याल रखते
जाने अनजाने मेरे चेहरे की हर रुमानियत को पढ़ लेते 
अपनी भीनी भीनी खुशबू को मेरे अहसासों में भर देते 

जहां मेरी नादानियां बढ़ती  
वहां तुम सख्त होने से भी परहेज नही करते
लोक-लाज की भी परवाह नहीँ की तुमने
जब भी कोई तकलीफ मुझे छूए
तुमने उस पल ही मुझे बाहों में भर लिया


कठिन रास्तों पर कभी तुम्हारे खुद के पैर भी लड़खड़ाए
उस पल भी तुम, खुद को भूल, मेरे कदम संभालें 

तुम्हारे अहसासों का चक्रव्यूह मेरे चारों ओर हर पहर रहता 
जब भी तुम्हारी दरकार हुई, तुम्हारा हाथ मेरे हाथ को थामे रखता 

मान मनोवर , दुलार में भी कोई कसर नहीं छोड़ते 
हर बदलते मौसम में छोटे बड़े उपहारों से मेरी मुस्कान बरकरार रखते

क्या क्या कहु अपने इस जिनि के लिए 
जो फ़रिश्ता है और 


मुझे फ़रिश्ते की तरह नवाज़ता है