बदनाम होने का डर
बदनाम होने का डर
मन चाहता हैं बहुत कुछ
पर डरता क्यों हैं ?
बदनाम तो हर वो आदमी हैं
जो
आज उचाईयों पर हैं
फिर
घबराता क्यों हैं ?
समाज एक से नहीं
कई व्यक्ति व समूह से बना हैं ।
सबका अपना - अपना नजरिया हैं ।
सबकी अपनी -अपनी सोच हैं ।
फिर क्या हैं बदनाम
और
क्यों हैं बदनाम, यह कौन तय करेगा ?
इसकी परिभाषा ही अपरिभाषित हैं ।
